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मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ
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अजाक्स
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पंजीयन क्रमांक : २५८२८/९३
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उद्देश्य
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१. संस्था का नाम :
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मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ, इंदौर शाखा
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२. संस्था का कार्यालय :
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एफ - 2, पत्रकार कालोनी चौराहा,स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के सामने, इंदौर
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३. कार्यक्षेत्र :
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सम्पूर्ण इंदौर जिला होगा |
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४. संस्था के उद्देश्य :
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संस्था के निम्नलिखित उद्देश्य होंगे
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1. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति( जिन्हे इसके बाद आरक्षित वर्ग कहा गया है)के अधिकारीयों एवं कर्मचारियों के संवा संबंधी- मामलों (यथा भर्ती, शिक्षावृत्ति, डात्रवृत्ति, स्टेशनरी, पुस्तकालय, कम्प्यूटर, छात्रावास प्रवेश आर्थिक दावे इत्यादि के संबंध में राज्य) केन्द्र सरकार के संस्थानों पर सम्पर्क स्थापित कर समस्याओं के निदान हेतु आवश्यक कार्यवाहियां करना।
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2. राज्य शासन, शासन के सार्वजनिक उपक्रमों, अर्द्ध शासकीय संस्थाओं तथा स्थानीय निकायों की, सेंवाओं में आरक्षण के निर्धारित प्रतिशत की पूर्ति की स्थिति पर निगरानी रखे हुए निर्धारित प्रतिशत हेतु संवैधानिक एवं अहिंसक कार्यवाही करना।
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3. आरक्षित वर्गो के सेवारत व्यक्तियों के आथ्र्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक उत्थान हेतु प्रयास करना।
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4. आरक्षित क्यों के सामान्य समुदाय के लोगों(नौकारी पेशा लोगों के अलावा) के शैक्षाणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक उत्थान हेतु आवश्यक प्रयास करना तथा प्रयोजन हेतु सभा, जुलुस, सेमिनार, प्रशिक्षण शिविर का आयोजन करना।
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5. आरक्षित वर्गो एवं उनके नौकरी पेशा सदस्यों को शिक्षित एवं जागृत करना।
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6. आरक्षित वर्गो के बीच एकता, भाईचारा एवं परस्पर सहयोग की भावना पैदा करते हुए उसे सुदृढ़ करना।
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7. आरक्षित वर्गो के कल्याण हेतु बनाए गए विभिन्न कानुनों का क्रियान्वयन सुनिच्क्षित कराना एवं ऐसे कानून बनाये जाने के लिए जनमत जागृत करना जो कि आरक्षित वर्गो के सर्वगीय विकास, कल्याण हेतु आवश्यक प्रतीत हों।
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8. भारतीय संविधान में आरक्षित वर्गो के लिए प्रावधानित आरक्षण की सुविधा सम्बंधी प्रावधान को स्थाई प्रावधान बनाने के लिए प्रजातांत्रिक एवं विधि सम्मत तरीकों से प्रत्यन करना।
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9. संस्था की सम्भाग, जिला तहसील विकास खण्ड स्तर पर शाखायें गठित करना।
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10. उपरोक्त समस्त उद्देश्यों को प्राप्ति हेतु चन्दा एकत्रित करना, शासन से अनुदान, ऋण, सहायता प्राप्त करना एवं अन्य आवश्यक अनुष्रगिक कार्यवाहियां करना।
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जिस समाज में हमारा जन्म हुआ उस समाज का उदार करना हमारा मुख्य कर्तव्य है |
सामाजिक एकता के बिना राजनीतीक एकता प्राप्त करना कठिन है |
तुम ऐसा प्रयत्न करो जिससे तुम्हारे बच्चे तुमसे अछा जीवन व्यतीत कर सके |
अपने आत्म सम्मान को खोकर जीना बड़ा ही अपमान जनक है |
आजादी कोई आकर भेट नहीं करता उसके लिए लड़ना पड़ता है |
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